कस्बा (पूर्णिया)। नगर परिषद कस्बा के वार्ड संख्या-2 में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की लाभार्थी सूची अब सवालों के घेरे में है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर स्थानीय निवासी कोकिल कुमार ने वार्ड पार्षद इफ्तेखार आलम पर अपने पद का दुरुपयोग कर परिजनों को लाभ पहुंचाने तथा पात्र गरीब परिवारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वार्ड से कुल 217 लोगों की प्रारंभिक सूची तैयार की गई थी। इनमें से जांच और अनुमोदन के लिए 15 नाम आगे भेजे गए। आरोप है कि इस सूची में सबसे ऊपर वार्ड पार्षद की माता अख्तरी बेगम, दूसरे स्थान पर बहन रोशन आरा, तीसरे स्थान पर छोटे भाई की पत्नी सना परवीन तथा 13वें स्थान पर फुफेरे भाई का नाम शामिल किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लाभार्थियों का चयन निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर हुआ है तो चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि सभी संदेह स्वतः समाप्त हो सकें। वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी योजना का लाभ वास्तविक गरीबों तक पहुंचने के बजाय प्रभावशाली लोगों के परिजनों तक पहुंचा।
मामले में केवल मुख्य सूची ही नहीं, बल्कि 31 लोगों की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इसमें भी कई करीबी लोगों को जगह दी गई है। इसके अलावा सूची में दर्ज बबली देवी के नाम के साथ पिता या पति का नाम नहीं होने को लेकर भी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाया जा रहा है।
इस मामले के सामने आने के बाद वार्ड संख्या-2 सहित पूरे कस्बा नगर परिषद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, लाभार्थी चयन प्रक्रिया की समीक्षा तथा दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और बेघर परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
समाचार प्रकाशित होने तक वार्ड पार्षद इफ्तेखार आलम का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के सामने मामले का दूसरा पक्ष भी रखा जा सके।
गरीबों के घर का सपना या रिश्तेदारों का लाभ? PM आवास योजना की सूची पर उठे सवाल
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