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पहले हरी झंडी, फिर वापसी! 12 लाख का शव वाहन खराब निकला, अब नगर परिषद बोला— ‘यह तो सिर्फ डेमो था’

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कसबा (पूर्णिया)। नगर परिषद कसबा द्वारा करीब 12 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया शव वाहन अब विवादों में है। कुछ दिन पहले जिस वाहन को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर सेवा के लिए रवाना किया था, वही वाहन तकनीकी खराबी आने के बाद ठेकेदार को वापस कर दिया गया। अब नगर परिषद का कहना है कि वह वाहन केवल ‘डेमो’ के लिए लाया गया था।

इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि वाहन केवल डेमो के लिए था, तो उसे आधिकारिक कार्यक्रम के माध्यम से जनता की सेवा के लिए क्यों रवाना किया गया? गुणवत्ता परीक्षण और औपचारिक स्वीकृति से पहले वाहन पर नगर परिषद का नाम किस आधार पर अंकित किया गया?

नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि उक्त वाहन का उपयोग दो लोगों के शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने में किया गया था। वहीं, नगर परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष कुमार ने भी पुष्टि की कि वाहन का उपयोग किया गया था और इसे जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।

दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि वाहन में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे वापस कर दिया गया। उनके अनुसार, वाहन डेमो के उद्देश्य से लाया गया था और बाद में ठेकेदार को लौटा दिया गया।

वाहन के उपयोग और बाद में उसे डेमो बताकर वापस किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि वाहन की खरीद और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तो उसे सार्वजनिक सेवा में क्यों लगाया गया? वहीं यदि प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो फिर वाहन वापस क्यों करना पड़ा?

इन सवालों के बीच स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ हो तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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